नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने खुलासा किया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर सशुल्क अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाना था।
E20 पर सवालों का जवाब
सोसाइटी ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए गडकरी से पेट्रोल में 20% इथेनॉल (E20) मिश्रण को लेकर उठी आलोचनाओं पर सवाल किया गया। उन्होंने कहा, “ऑटोमोबाइल निर्माताओं और ARAI जैसी संस्थाओं ने अपने निष्कर्ष पहले ही साझा किए हैं। यह तकनीकी विषय है, लेकिन राजनीति भी उद्योग की तरह काम करती है।”
किसानों को 45 हजार करोड़ का फायदा
गडकरी ने बताया कि भारत जीवाश्म ईंधन के आयात पर भारी राशि खर्च करता है। इथेनॉल मिश्रण से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि आयात पर खर्च होने वाला धन देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि मक्का से इथेनॉल उत्पादन की पहल से किसानों को करीब 45,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
प्रदूषण कम करना जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि प्रदूषण का स्तर ऐसा ही रहा, तो दिल्लीवासियों की आयु 10 साल तक कम हो सकती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह सहमति है कि प्रदूषण को कम करना अत्यंत आवश्यक है।
E20 पेट्रोल पर विवाद
E20 पेट्रोल, जिसमें 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल होता है, को केंद्र सरकार कार्बन उत्सर्जन और ईंधन आयात कम करने का महत्वपूर्ण कदम मानती है। हालांकि, वाहन मालिकों का दावा है कि इससे वाहनों की आयु कम हो रही है, ईंधन दक्षता घट रही है और वाहनों में टूट-फूट बढ़ रही है।